नौकरी बचाने के लिए एम्प्लोयी ने अपनी बेटी और बीवी चुदवाई – 2

मैं और मधु चुदाई के बाद नंगे ही सो गए थे.. रात को २ बजे रमेश और शिल्पा कमरे में आये.. हमदोनो ने जल्दी से अपने अपने कपडे पहने
रमेश: सर मधु ने आपकी सेवा अच्छे से की ना
मैं: हाँ रमेश.. मधु ने तो बहुत अच्छा ख्याल रखा मेरा
रमेश: मुझे अच्छा लगा की आपको हमारी खातिरदारी अच्छी लगी
मैं: खातिरदारी और भी अच्छी हो सकती थी

मैंने रमेश को शिल्पा की तरफ इशारा किया.. रमेश समझ गया की मैं क्या चाहता हूँ.. शिल्पा भी मेरा मतलब समझ गयी और थोड़ा डर गयी..
रमेश: अरे सर आप तो मेहमान हो.. आपको थोड़े ना नाराज करेंगे…
रमेश: शिल्पा तुम सर की अच्छे से खातिर दारी करो.. मधु चलो हम निचे चलते है
मधु: पापा इसका मतलब रोहित सर अब माँ को चोदेंगे..
रमेश: मधु बेटा तुम चलो यहा से

फिर रमेश और मधु कमरे से बाहर चले गए.. मैंने देखा शिल्पा अभी भी डर रही थी..
मैं: शिल्पा आंटी आप मुझसे डरो नहीं.. थोड़ा रिलैक्स हो जाओ
मैंने थोड़ी देर उनसे बात की तो फिर वो नार्मल हो गयी..
शिल्पा: थैंक्यू सर.. पर मैं ये सब अपने पति की नौकरी बचने के लिए कर रही हूँ
मैं: शिल्पा आंटी अगर आपने मुझे खुश कर दिया तो आपके पति की नौकरी बच जाएगी..
शिल्पा: ठीक है सर.. फिर आप जो बोलेंगे मैं वो करुँगी
मैं: ये हुई ना बात.. आंटी थोड़ा घूम कर मुझे अपने कामुक बदन का नजारा दिखा दीजिये..

शिल्पा ने घूमकर अपना गदराया बदन मुझे दिखाया.. ग्रीन साड़ी में शिल्पा आंटी का 40-32-40 कर्वी बदन बहुत ही सेक्सी था.. शिल्पा आंटी पीछे घूम कर अपना बदन मुझे दिखा रही थी.. आंटी की भारी गांड साड़ी में टाइट बंधी हुई थी जिससे उसकी मोटी चुत्तड़ो का शेप दिख रहा था..
मैं: उफ्फफ्फ्फ़ आंटी क्या मस्त गांड है आपकी
शिल्पा: थैंक्यू सर
शिल्पा का बैक पूरा ओपन था.. ब्लाउज सिर्फ २ डोरी से बंधी हुई थी.. शिल्पा की गोरी नंगी पीठ बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. फिर शिल्पा आगे घूम गयी.. ट्रांसपेरेंट साड़ी से शिल्पा आंटी की स्लीवलेस ब्लाउज दिख रहा था और साथ ही उसकी क्लीवेज लाइन.. मेरा लंड शिल्पा आंटी के सेक्सी बदन को देख कर खड़ा होने लगा.. फिर शिल्पा आंटी ने अपनी पल्लू निचे गिरा दी… उफ्फफ्फ्फ़ क्या नजारा था.. आंटी के टाइट ब्लाउज से उसके बड़े बड़े स्तन का आकर दिख रहा था.. अब क्लीवेज लाइन मुझे साफ़ दिख रही थी जोकि बहुत ही डीप थी… आंटी के दूध से भरे हुए स्तन काफी हद तक नंगे दिख रहे थे.. ब्लाउज आंटी के बड़े बड़े फूटबालो को छुपाने की नाकाम कोशिश कर रहे थे.. ब्लाउज के बटन्स का तनाव देखकर लग रहा था की बहुत ही भारी माल अंदर छुपा है.. ब्लाउज के नीचे उनकी गोरी चिकनी पेट कयामत लग रही थी.. आंटी ने अपनी साड़ी नाभि के बहुत ही नीचे बंधी थी जिससे उसकी चिकनी कमर और भी ज्यादा दिख रही थी..
मैं: आंटी आपकी मोटी मोटी चूचियों और भारी गांड ने मेरा लंड खड़ा कर दिया है.. अब आप इसे चूस कर शांत करना होगा..

शिल्पा आंटी मेरे पास आयी और पैंट के ऊपर से मेरा लंड सहलाने लगी.. सर लगता है अंदर कोई बहुत बड़ा सामान है..
मैं: ओह्ह्ह्ह आंटी आप ही निकाल कर देखलो
शिल्पा ने मेरी पैंट उतार दी… जब उसने मेरा मोटा लौड़ा देखा तो चौंक गयी..
शिल्पा: वाह सर क्या खतरनाक हथियार है..
मैं: तुझे अच्छा लगा ?
शिल्पा: हाँ सर… इतना मोटा लंड किस औरत को अच्छा नहीं लगेगा.. रमेश का तो बहुत ही छोटा है
मैं:ओह्ह्ह जानेमन फिर तो तुझे बहुत मजा आएगा.. चल अब चूसना चालू कर
शिल्पा ने मेरा लंड अपनी मुंह में लिया और जोर जोर से सक करने लगी.. वो नीचे बैठ कर मेरा लौड़ा चूस रही थी और मैं ऊपर से उसके दूध ताड़ रहा था.. टॉप व्यू से ब्लाउज के अंदर से मुझे उसकी पूरी चूचियां दिख रही थी….
मैं: ओह्ह्ह्ह आंटी और चुसू मेरा लौड़ा..
वो जोर जोर से चूसने लगी.. वो अपने जीभ को मेरे सुपाडे के चारो तरफ घुमा रही थी.. मेरा लौड़ा पूरा हार्ड हो गया और झड़ गया.. ओह्ह्ह्ह शिल्पा आंटी पूरा झाड दिया आपने मुझे.. मैं बेड पर जाकर बैठ गया
मैं: आंटी अब आपको मेरे लंड फिर से खड़ा करना होगा..
शिल्पा: सर आप बोलो क्या करना है
मैं: आप अपने जगह पर थोड़ा कूदिये
शिल्पा आंटी अपनी जगह पर कूदने लगी.. जब भी वो जम्प लेती उसके दूध पूरा बाहर आ जाते.. इतने बड़े बड़े दूध को उछलते देख मेरे लंड में फिर हरकत होने लगी.. आंटी ने अपनी ब्लाउज के बटन खोल दिए.. बटन खोलते ही चूचियां और नंगी हो गयी.. अब आंटी के जम्प से उनकी पूरी चूची बाहर आने लगी.. कभी कभी मुझे उनकी निप्पल्स भी दिखने लगे.. ऐसे बड़े बड़े उछलते हुए भारी चूचियां किसी भी मर्द का लंड खड़ा कर दे..

मैं: वाह आंटी क्या बड़े और भरे हुए दूध है आपके
शिल्पा: सर आपको ठीक से देखना है क्या?
शिल्पा आंटी झुक कर मुझे अपने दूध दिखाने लगी.. उसकी गोरी गोरी नंगी चूचियों को देखकर बहुत मजा आ रहा था.. उसके बड़े बड़े दूध ब्लाउज से झाकते हुए बहुत में मादक लग रहे.. मुझे उनकी पूरी चूचियां नंगी दिख रही थी.. इतनी बड़ी बड़ी गोरी चूचियों को नंगा देख कर मेरी हालत ख़राब होने लगी और मेरा लंड पूरा टाइट हो गया
शिल्पा: ओह्ह्ह्ह ये तो फिर खड़ा हो गया है… अब इसको अच्छे से शांत करना पड़ेगा
आंटी ने अपनी साड़ी उठाई और अपनी चड्डी निकाल दी.. फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी बूर पर सेट किया.. अब वो धीरे धीरे मेरे लंड पर बैठने लगी.. मेरा लंड उसकी बूर को चीरता हुआ अंदर घुस रहा था… अह्ह्ह्ह सर पहली बार इतना मोटा लौड़ा ले रही हूँ
मेरे लंड उसकी बूर को फाड़ता हुआ पूरा घुस चूका था.. आंटी अब धीरे धीरे कूद रही थी.. ओह्ह्ह्हह सर बहुत मजा आ रहा है..
मैं: ओह्ह्ह्ह आंटी आपको चोद कर बड़ा मजा आ रहा है.. प्लीज आप मुझे सर नही रोहित बोलिये
शिल्पा: ओह्ह्ह्ह रोहित.. बहुत मोटा लंड है आपका.. और चोदो मुझे
शिल्पा अब जोर जोर से मेरे लंड पर कूद रही थी और चुदाई का मजा ले रही थी.. अह्ह्ह्ह उउउउ की कामुक आवाजो से पूरा रूम गूंज रहा था.. उसके दूध ऊपर निचे हिल रहे थे… ब्लाउज के अंदर से अधनंगी चूचियां और भी सेक्सी लग रही थी… मैंने उसकी ब्लाउज की डोर खोल दी और उनके फूटबालो को ब्लाउज के कैद से आजाद कर दिया… उसके दूध 10-10 किलो जितने बड़े और भारी थे.. इतनी बड़ी चूचियां होने के बाद भी वो काफी तनी हुई और फर्म थी…
मैं: ओह्ह्ह्ह आंटी इतनी मस्त चूचियां तो मैंने आज तक नहीं देखि
शिल्पा: आह्ह्ह्हह आउउउउउउ आईईईई रोहित सब आपका है जितना खेलना है खेल लो
मैंने शिल्पा आंटी के दोनों दूध को दबाने लगा और निचे से अपना लंड पंप करने लगा.. ऐसी मोटे चुच्चो वाली औरत को देख कर लंड और ज्यादा उत्तेजित हो गया था.. मैं उनकी चूचियों को अच्छे से मसल रहा था.. उसकी बड़ी बड़ी चूचियों को हाथो में समां पाना बहुत ही मुश्किल था.. उईईईईई अह्ह्ह्हह रोहित धीरे मसलो…
चुप कर साली.. आज से तू मेरी रंडी है.. जैसे चाहे तेरे बदन का मजा लूँगा.. इतने रसीले आम है इनको तो निचोड़ कर खा जाऊँगा
अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह रोहित खा जाओ.. बस मुझे अच्छे से पेलते रहो…
मैंने आंटी की चुची का निप्पल मुंह में लिया और चूसने लगा.. मैंने आंटी के गदराये बदन को अपनी बाहो में भर लिया और नीचे से जोर जोर से चोदने लगा..
मैं: उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ आंटी मधु से ज्यादा आपको चोदने में मजा आ रहा है
शिल्पा: आह्ह्ह्ह उउउउउ रोहित मैं भी बहुत दिनों के बाद ऐसी चुद रही हूँ… प्लीज और चोदो मुझे.. फाड़ दो मेरी बूर
मैं आंटी की चूचियों को दबा दबा कर चूस रहा था और वो जोर जोर से कूद कर चुदवा रही थी.. फच फच की चुदाई संगीत पुरे रूम में गूंज रही थी.. अब आंटी काफी थक गयी थी कूद कूद कर..
मैं: चलो आंटी अब पोजीशन बदलते है..
शिल्पा आंटी मेरे ऊपर से हटी.. मैंने आंटी को पीछे से पकड़ लिया और उनकी नंगी गोरी पीठ को चूमने लगा.. अह्ह्ह्हह उउउउउउ… उसकी गोरी चौड़ी पीठ बहुत ही सेक्सी लग रही थी.. मेरे दोनों हाथ आंटी के बड़े बड़े दूध को दबाने में बिजी थे.. और मेरा खड़ा लंड उसके मोटे मोटे चुत्तड़ो का मजा ले रहे थे.. उफ्फ्फफ्फ्फ़ आंटी क्या रसीले आम है आपके..
मैंने आंटी को घोड़ी बनाया और उसकी साड़ी उठा दी.. साड़ी उठाते ही उसकी मोटी चौड़ी गांड एक्सपोज़ हो गयी.. उसकी गांड बहुत ही बड़ी और भारी थी… मैंने उसकी गांड को अपने दोनों हाथो से पकड़ा और अपना लौड़ा उसकी बूर में पेल दिया.. अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह रोहित…
मैं जोर जोर से अपना लंड उसकी चुत में पेलने लगा.. और वो जोर से मॉन करने लगी.. मैं उसकी झूलती हुई चूचियों को पकड़ लिया और जोर जोर से चोदने लगा…. उफ्फफ्फ्फ़ आंटी पीछे से आपकी लेने में और मजा आ रहा था.. एक साथ आपकी गांड, बूर और चूचियों का मजा मिल रहा है…
ओह्ह्ह्हह रोहित ऐसे ही मारते रहो… और पेलो
मैंने शिल्पा आंटी को अपनी बाहो में भर लिया और जोर जोर से चोदने लगा… हमारी चुदाई अब क्लाइमेक्स पर पहुंच गयी थी… मैं उसके बदन को पूरा चुम रहा था और अपना लौड़ा पूरा अंदर बाहर शिल्पा की बूर में पेल रहा था… अह्ह्ह्हह सर और तेज मेरा होने वाला.. उईईई अह्हह्ह्ह्ह रोहित और जोर से चोदो मुझे… मैं उसकी चूचियों को मसल कर उसे जोर जोर से चोदने लगा.. अह्ह्ह्हह शिल्पा डार्लिंग… और थोड़ी देर में हमदोनो फिनिश हो गए.. थैंक्यू रोहित.. बहुत मस्त चोदा तुमने.. शिल्पा आंटी आप बहुत ही सेक्सी औरत हो
फिर हमदोनो ने अपने कपडे ठीक किये और नीचे उतर गए.. वहा देखा रमेश और मधु बैठे हुए थे..
रमेश: शिल्पा बहुत देर लगा दी..
मैंने देखा २ घंटे बीत चुके थे..
शिल्पा: हाँ वो सर को खुश करना इतना आसान थोड़े ना है
रमेश: तो सर अब तो आप हमारी मेहमान नवाजी से खुश है ना
मैं: हाँ रमेश.. यू आर ऐ गुड होस्ट.. और मुझे पता है तुमने ये सब अपनी नौकरी बचाने के लिए की है
रमेश: हाँ सर.. प्लीज अब आप मुझे वापस नौकरी पर रखलो
मैं: हाँ रमेश मैं तुम्हारी नौकरी वापस करने की सोच रहा हूँ.. पर मुझे सोचने के लिए थोड़ा टाइम चाहिए..
रमेश: ठीक है सर आपको जितना टाइम चाहिए ले लीजिये
मैं: रमेश मधु और शिल्पा मेरी सोचने में मदद कर सकती है तो मैं इन्हे अपने साथ अपने घर ले जाना चाहता हूँ
मधु और शिल्पा आंटी रमेश की तरफ देखने लगे.. रमेश मेरी बात समझ गया..
रमेश: मधु शिल्पा तुम दोनों सर के साथ जाओ.. और उनका अच्छे से ख्याल रखना और सोचने में मदद करना
मैं: थैंक्स रमेश.. मैं सोच कर तुम्हे एक हफ्ते में बताता हूँ
फिर मधु और शिल्पा आंटी ने कुछ कपडे पैक किये और हमसब कार में निकल गए..
मधु: रोहित हम आपके घर में क्या करेंगे
मैं: मधु डार्लिंग पुरे एक हफ्ते मैं तुम दोनों की चुदाई करूँगा…
शिल्पा: वाह सर तब तो बहुत मजा आएगा..

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